Different Stages of Schooling in India
स्कूल की शिक्षा प्रणाली
भारत के संविधान में मुलभूत अधिकार के अंतर्गत उम्र 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चो को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार का प्रावधान किया गया है।
हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में स्कूल की शिक्षा को मुख्यतः दो स्तर पर विभाजित किया जा सकता है। प्राथमिक (प्राइमरी) और माध्यमिक (सेकेण्डरी)।
केन्द्रिय बोर्ड और अधिकांश राज्य बोर्ड "10+2" का अनुसरण करती है। इसके
तहत 10 वर्ष की पढ़ाई स्कूल में और 2 वर्ष की पढ़ाई जूनियर काॅॅलेज में की जाती है।
तहत 10 वर्ष की पढ़ाई स्कूल में और 2 वर्ष की पढ़ाई जूनियर काॅॅलेज में की जाती है।
प्राइमरी शिक्षा:
प्राइमरी शिक्षा को मुख्यतः तीन भागों में बांटा जा सकता है।
1) प्री प्राइमरी :
> प्ले ग्रुप ( उम्र सीमा : 2-3 वर्ष )
> नर्सरी ( उम्र सीमा : 3-4 वर्ष )
> L.K.G. ( उम्र सीमा : 4-5 वर्ष )
> U.K.G. ( उम्र सीमा : 5-6 वर्ष )
2) निम्न प्राथमिक :
कक्षा 1 से 5 तक
3) उच्च प्राथमिक :
कक्षा 6 से 8 तक
माध्यमिक शिक्षा:
माध्यमिक शिक्षा को दो चरणो में बाँटा जा सकता है।
1) Senior Secondary:
> कक्षा 9 और 10
जिसमें कक्षा 10 में केंद्र एवं राज्य की बोर्ड परीक्षा होती है तथा इसके परीक्षा परिणाम के आधार पर कक्षा 11-12 में प्रवेश किया जाता है। इसके अतिरिक्त वोकेशनल एवं टेक्निकल प्रोग्राम जैसे कि ITI, डिप्लोमा कोर्स भी किया जा सकता है।
2) Higher Secondary:
> कक्षा 11 और 12
यहाँ विद्यार्थीयों को विषय के हिसाब से प्रवाह चुनना पड़ता है।
Arts, Commerce and Science.
कक्षा 12 में भी बोर्ड की परीक्षा ली जाती है, जिसके परिणाम के आधार पर विषय अनुसार काॅलेज मेंं प्रवेश लिया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त प्रोफेशनल कोर्स जैसे कि इंजीनियरिंग, मेडिकल इत्यादि क्षेत्र में जा सकते है।
*काॅलेज की शिक्षा के बारे में जानने की इच्छा हो तो कृपया काॅमेंट में जरूर बताए।
आपका धन्यबाद!
Thanks. Sir details batane ke liye
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