Maths: 1.1 Number System [Class 6-8]
संख्या पद्धति (Number System) – विस्तृत अध्ययन सामग्री
1. संख्या पद्धति क्या है?
संख्या पद्धति वह प्रणाली है जिसके द्वारा हम संख्याओं को प्रस्तुत (represent), पढ़ते और लिखते हैं। दुनिया में कई प्रकार की संख्या पद्धतियाँ हैं—दशमलव, बाइनरी, ऑक्टल, हेक्साडेसिमल आदि।
2. संख्या के प्रकार
(1) प्राकृतिक संख्याएँ – 1,2,3,4,… (2) पूर्ण संख्याएँ – 0 सहित प्राकृतिक संख्याएँ (3) पूर्णांक – … -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3 … (4) परिमेय संख्याएँ – a/b के रूप में (5) अपरिमेय संख्याएँ – जैसे √2, π (6) वास्तविक संख्याएँ – सभी परिमेय + अपरिमेय (7) अभाज्य संख्याएँ – केवल 1 और स्वयं से विभाजित (8) संयुक्त संख्याएँ – जिनके 2 से अधिक गुणनखण्ड हों3. संख्या पद्धतियों के आधार (Base)
- बाइनरी (0,1) — Base 2 - ऑक्टल (0–7) — Base 8 - दशमलव (0–9) — Base 10 - हेक्साडेसिमल (0–9,A–F) — Base 164. स्थानमान (Place Value)
किसी अंक का मान उस स्थान पर निर्भर करता है जहाँ वह खड़ा है। जैसे: 537 में 5 का स्थानमान = 500 3 का स्थानमान = 30 7 का स्थानमान = 7
5. भाज्यता नियम – Olympiad स्तर
- 2 से भाज्य → अंतिम अंक सम
- 3 से भाज्य → अंकों का योग 3 से विभाज्य
- 4 से भाज्य → अंतिम दो अंक 4 से विभाज्य
- 5 से भाज्य → अंतिम अंक 0 या 5
- 6 से भाज्य → 2 और 3 दोनों से विभाज्य
- 8 से भाज्य → अंतिम तीन अंक 8 से विभाज्य
- 9 से भाज्य → अंकों का योग 9 से विभाज्य
- 11 से भाज्य → (विषम स्थानों का योग – सम स्थानों का योग) 11 का गुणज
6. LCM – HCF Concepts
- HCF → सबसे बड़ा समान गुणनखण्ड
- LCM → सबसे छोटा समान गुणज
- HCF × LCM = संख्या 1 × संख्या 2 (यदि दो संख्या सह–अभाज्य हों)
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