26 नवंबर: संविधान दिवस और प्रस्तावना
🇮🇳 संविधान दिवस: 26 नवंबर की महत्ता 🇮🇳
राष्ट्रीय कानून दिवस (National Law Day)
✨ क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस?
हर साल 26 नवंबर को पूरे भारत में 'संविधान दिवस' या 'राष्ट्रीय कानून दिवस' मनाया जाता है। यह वह ऐतिहासिक दिन है जब वर्ष 1949 में भारत की संविधान सभा ने औपचारिक रूप से देश के संविधान को अपनाया था। यह दिन हमारे राष्ट्र के लोकतांत्रिक मूल्यों और कानूनी ढाँचे की नींव का जश्न मनाने का अवसर है।
📜 संविधान निर्माण की गाथा
संविधान सभा को दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान बनाने में लगभग 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। इस महान दस्तावेज़ के निर्माण में डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जिन्हें 'भारतीय संविधान का जनक' कहा जाता है। उन्होंने संविधान की मसौदा समिति (Drafting Committee) का नेतृत्व किया।
🎯 उद्देश्य और महत्व
संविधान दिवस का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों को संविधान में निहित मौलिक सिद्धांतों और उनके अधिकारों तथा कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारा देश लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और न्याय के स्तंभों पर खड़ा है।
💡 गणतंत्र दिवस से भिन्नता
यह जानना महत्वपूर्ण है कि संविधान को अपनाया तो 26 नवंबर 1949 को गया था, लेकिन यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाते हैं, जो संविधान के पूरी तरह से प्रभावी होने का प्रतीक है, जबकि 26 नवंबर उसके अंगीकरण (Adoption) का।
Payal Kumari Pandey
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